Hindi shayari boyfriend and girlfriend2017

रूठ कर कुछ और भी हसीन लगती हो
बस यही सोच कर तुम को खफा रखा है

भूल से कोई भूल हुई तो
भूल समझ कर भूल जाना.
अरे… भूलना सिर्फ़ भूल को,
भूल से भी हमे ना भूलना.

आया अपने बीच में किसी का साया क्यूँ…….
जब रुलाना ही था तुझे तो फिर हसाया क्यूँ.!!..

तुम हस्ती हो मुझे हसाने के लिए
तुम रोती हो मुझे रुलाने के लिए
तुम एक बार रूठ कर तो देखो
मर जाउन्गा तुम्हें मानने के लिए

⇈बहुत उदास है कोई तेरे जाने से
⇎हो सके तो लौट के आ किसी बहाने से
⇍तू लाख खफा सही मगर एक बार तो देख
⇍कोई टूट सा गया है तेरे रूठ जाने से



⇵खता हो गई तो सज़ा सुना दो,
⇴दिल मे इतना दर्द क्यूँ हैं वजह बता दो.
⇴देर हो गयी हैं याद करने मे ज़रूर,
⇴लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख़याल दिल से मिटा दो.

एक खूबसूरत सोच:
दूसरो को इतनी जल्दी माफ़ कर दिया करो
जितनी जल्दी आप उपरवाले से अपने लिए माफी की
उमीद रखते हो

कर दीजिए माफ़ अगर हो गयी है कोई खता
इस कदर हमारी चाहत का इम्तिहान मत लीजिए,
क्यू हो खफा ये बयान तो कीजिए,
कर दीजिए माफ़ अगर हो गयी है कोई खता,
यू याद ना कर के सज़ा तो ना दीजिए.


दोस्ती मैं दूरियाँ तो आती रहती हैं
फिर भी दोस्ती दिलो को मिला देती है
वो दोस्ती ही किया जो नाराज़ ना हो
पर सच्ची दोस्ती दोस्तो को माना लेती है

मिल जाए कोई नया तो हमें ना भुला देना
कोई रुलाए तुम्हें तो हमें याद कर लेना
दोस्त रहेंगे उमर भर तुम्हारे
तुम्हारी खुशी ना सही गम ही बाँट लेना

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