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पत्नी:खाने में क्या बनाऊँ?

पति: कुछ भी बना लो क्या बनाओगी?

पत्नी: जो आप कहो।

पति: दाल चावल बना लो।

पत्नी: सुबह ही तो खाए थे।

पति: तो रोटी सब्जी बना लो।

पत्नी: बच्चे नहीं खायेंगे।

पति: तो छोले !पूरी बना लो।

पत्नी: मुझे तली हुई चीजों से परहेज़ है।

पति: तो अंडा! भुर्जी बना लो।

पत्नी: आज बृहस्पतिवार है।

पति: पराठे?

पत्नी: रात को पराठे नहीं खाने चाहिए।

पति: कढी-चावल?

पत्नी: दही नहीं है।

पति: इडली सांभर?

पत्नी: समय लगेगा न, पहले बोलना था।

पति: होटल से मंगवा लेते हैं।

पत्नी: रोज़ रोज़ बाहर का खा!न ठीक नहीं है।

पति: अच्छा मैग्गी बना लो।

पत्नी: पेट नहीं भरेगा।

पति: तो फिर !क्या बनाओगी?

पत्नी: जो आप कहो।
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ग्रुप एडमिन को समर्पित!
नाम: ग्रुप एडमिन

हॉबी: बन्दूक से निकली गोली को हाथ से पकड़ना और शेर के दाँत तोड़कर जमा करना।

रिकॉर्ड: एक बार जिराफ की गर्दन में गाँठ लगा दी थी।

शर्मनाक पल: एक बार एक ही घूँसे में 100 हाँथियों को नहीं मार पाए। सिफ 99 ही मरे।

पागलपन: एक बार सुनामी में तैर! निकल गए।

उपलब्धि: ज्वालामुखी के लावे पर स्केटिंग की।

खुद पर गर्व: जब इन्हें देख 4!0 फुट लम्बा अजगर डर कर भाग गया।

एडमिन के अब तक के पराक्रम:

विवाह भोज में दो बार भोजन करना।

दूसरों की बरात में नाच!ना। परिचित हों अथवा ना हों।

चुनाव के समय दो पार्टियों से पैसे लेकर तीसरे को वोट देना।

बच्चों की क्रिकेट टीम का कैप्टन बनना।

जब कहीं केक काटा जा रहा हो तो सबसे सामने खड़ा रहना।

एडमिन पद से इस्तीफा देने की सिर्फ धमकी देना।
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कुछ घरेलू नुस्खे!
कुछ ऐसे आयुर्वैदिक उपाय जो आप घर पर ही कर सकते हैं।

1. कमजोरी: दारू में एक चम्मच शहद और दो बूँद गुलाब जल मिलाकर पिएँ।

2. खाँसी: दारू में शहद, काली मिर्च और गरम पानी मिलाकर पिएँ।

3. सर्दी: गरम पानी ब्रांडी मिलाकर पिएँ।

4. गैस: दारू में थोड़ी हींग मिलाकर पिएँ।

5. भूख बढ़ाने के लिए: भोजन से एक !घंटे पहले, एक गिलास वाइन पिएँ।

6. उल्टी: दारु में नींबू का रस मिलाकर पिएँ।

7. और अगर आप पूरी तरह !फिट हैं तो दारू में दो आइस क्यूब, थोड़ा सोडा और थोड़ा पानी मिलाकर पिएँ और साथ में मूँग दाल खाएँ।
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एक मर्द का दर्द!
पिछले हफ्ते मेरी दाढ़ में दर्द हुआ और मैं जिंदगी में पहली बार दाँतों के डॉक्टर के पास गया। रिसेप्शन में बैठे-बैठे मेरी नजर वहाँ दीवार पर लगी डॉक्टर की डिग्री पर पड़ी और उस पर लिखे डॉक्टर के नाम को पढ़ते ही मानो मुझ पर बिजली गिर पड़ी।

"डॉ. नंदिता प्रधान" यानि, स्कूल के दिनों की हमारी क्लास की हीरोइन। गोरी-चिट्टी, ऊँची-लम्बी, घुँघराले बालों वाली खूबसूरत लड़की।

अब झूठ क्या बोलूँ, क्लास के दूसरे लड़कों के साथ साथ मैं खुद भी उस पर मरता था, अपनी नंदू पर।

मेरे दिल की धड़कन बढ़ गई। मेरा नंबर आ!ने पर मैंने धड़कते दिल से, नंदू के चेम्बर में प्रवेश किया। उसके माथे पर झूलते घुँघराले बाल अब हट चुके थे, गुलाबी गा!ल अब फूलकर गोल गोल हो गए थे, नीली आँखें मोटे चश्मे के पीछे छुप गयी थीं लेकिन फिर भी नंदू बहुत रौबदार लग रही थी।

लेकिन उसने मुझे पहचाना !नहीं। मेरी दाढ़ की जाँच हो जाने के बाद मैंने ही उससे पूछा, "तुम कान्वेंट में पढ़ती थी ना?"

वो बोली, "हाँ"

मैंने पूछा, "10 वीं से कब निकली? 1991 में ना?"

वो बोली, "करेक्ट! लेकि!न आपको कैसे मालूम?"

मैंने मुस्कराते हुए जवाब !दिया, "अरे, तुम मेरी ही क्लास में थी।"

फिर
वो
भैंस,
चश्मिश,
हथनी,
मोटी,
भद्दी,
टुनटुन
मुझसे बोली... "सर आप कौन सा सब्जेक्ट पढ़ाते थे?"

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अच्छा शिक्षक!
एक बार गणित के शिक्षक ने पप्पू को बुलाया और अपनी कापी चेक कराने के लिए कहा।

पप्पू: मास्टरजी मैंने तो होमवर्क किया ही नहीं।

मास्टर: तुम्हारा तो पढने में मन ही नहीं लगता, अब बताओ की होमवर्क ना करने का तुम्हारे पास क्या बहाना है?

पप्पू: जी मास्टर जी वो कल आपने जो !गुणा-भाग समझाया था ना वो मुझे समझ नहीं आया।

मास्टर: नालायक तुम्हे वह सामान्य सा गुणा-भाग समझ नहीं आया, मैं जब तुम्हारी उम्र का था तो 15-15 अंकों वाला गुणा-भाग चुटकियों में! कर देता था।

पप्पू: कर देते होंगे मास्टर जी, क्योंकि आपको पक्का कोई अच्छा टीचर पढाता होगे।
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शराबी की मज़बूरी!
शराब की लत से प्रेशान एक शख्स डॉक्टर के पास गया और बोला, "डॉक्टर साहब मेरी शराब छुडाओ।"

डॉक्टर ने पूछा: रोजाना कितनी पीते हो?

शराबी बोला: चार पैग।

डॉक्टर बोला: धीरे-धीरे एक पैग कम कर दो।

शराबी एक हफ्ते बाद डॉक्टर के पास पहुंचा।

डॉक्टर ने पूछा: अब कितनी शराब पीते हो?

शराबी ने जवाब दिया: तीन पैग।

डॉक्टर ने कहा: अब एक पैग और कम कर दो।

दो हफ्ते बाद शराबी फिर डॉक्टर के पास गया।

डॉक्टर ने पूछा: अब कितनी पीते हो मेरे भाई।

शराबी बोला: सर दो पैग।

डॉक्टर ने बोला: बस अब एक पैग और कम कर दो।

शराबी ने उदास होकर जवाब !दिया: सॉरी डॉक्टर साहब पूरी बोतल को एक पैग में तो नहीं खत्म कर सकता मैं।
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पुरानी गर्ल फ्रेंड से भेट!
एक दिन दफ्तर! से घर आते हुए पुरानी गर्ल फ्रेंड से भेट हो गयी,
और जो बीवी से मिलने की जल्दी थी वह ज़रा सी लेट हो गयी;

जाते ही बीवी ने आँखे दिखाई - आदत अनुसार हम पर चिल्लाई;
तुम क्या समझते हो मुझे नहीं है कि!सी बात का इल्म;
जरुर देख रहे होगे तुम सक्रेटरी के साथ कोई फिल्म;

मैंने कहा, "अरी पग!ली, घर आते ही ऐसे झिडकियां मत दिया कर;
कभी तो छोड़ दे, मुझ बेचारे पर इस तरह शक मत किया कर";

पत्नी फिर तेज होकर बोली, "मुझे बेवकूफ बना रहे हो;
6 बजे दफ्तर बंद होता है और तु!म 10 बजे आ रहे हो";

मैंने कहा, "अब छोड़ !यह धुन -
मेरी बात ज़रा ध्यान से सुन";
एक आद!मी का एक हज़ार का नोट खो गया था;
और वह उसे ढूंढने के जिद्द पर अड़ा था";

पत्नी बोली, "तो तुम उसकी मदद कर रहे थे';
मैंने कहा, "नहीं रे पगली मै ही तो उस पर खड़ा था";

सुनते ही पत्नी हो गयी लोट-पोट;
और बोली, "कहाँ है वह हज़ार का नोट";

मैंने कहा, "बाकी तो खर्च हो गया यह लो सौ रुपये का नोट";

वह बोली, "क्या सब खा गए बाकी के 900 कहाँ गए";

मैंने कहा, "असल में जब उस नोट के ऊपर मै खडा था;
तो एक लडकी की निगाह में उसी वक़्त मेरा पैर पडा था;
कही वह कुछ बक ना दे इसलिए वह लडकी मनानी पडी;
उसे उसी की पसंद के पिक्चर हाल में फिल्म दिखानी पडी;
फिर उसे एक बढ़िया से रेस्टोरेन्ट में खाना खिलाना पड़ा;
और फिर उसे अपनी बाइक से घर भी छोड़कर आना पड़ा;
तब कहीं जाकर तुम्हारे लिए सौ रुपये बचा पाया हूँ;
यूँ समझो जानू तुम्हारे लिए पानी पूरी का इंतजाम कर लाया हूँ";

अब तो बीवी रजामंद थी - क्योंकि पानी पूरी उसे बेहद पसंद थी;
तुरंत मुस्कुराकर बोली, "मै भी कितनी !पागल हूँ इतनी देर से! ऐसे ही बक बक किये जा रही थी;
सच में आप मेरा कितना ख़याल रखते है और मै हूँ कि आप पर शक किये जा रही थी"!
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तीन ठेकेदार!
तीन भवन निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों की मौत के बाद वे तीनों स्व!र्ग के दरवाजे पर मिले पहला पाकिस्तान का था दूसरा चीन का और तीसरा भारत का।

जैसे ही वे स्वर्ग के अंदर जाने लगे दूत ने उन्हें !रोका और कहा,"अन्दर जाने से पहले आप तीनों को मैं बता दूँ कि अन्दर जाने वाले इस गेट की मरम्मत करनी है तो आप तीनों ही मुझे थोड़ा सा अनुमान लगाकर बताएं कि इस पर कितना खर्चा आ सकता है।"

सबसे पहले पाकिस्तानी ठेकेदार ने गेट को देखा और! सोच कर बोला, "मेरे ख्याल से इसमें जितनी मरम्मत होनी है उस हिसाब से तो पूरा खर्चा 9000 रूपए आना चाहिए।"

दूत ने उसे पूछा,"कि ये किस तरह से इतना अनुमान लगाया आपने ठेकेदार ने कहा 3000 रूपए का मैटीरीअल, 3000 रूपए मजदूर के और 3000 का मुनाफा।"

दूत ने चीन के ठेकेदार को कहा कि, "तुम अपना अनुमान लगाओ।"

थोड़ी देर उसने भी गेट को देखा और बोला, "33000 रूपए दूत ने कहा ये किस तरह हुआ।"

चीन का ठेकेदार बोला, "11000 का मैटीरीअल, 11000 मजदूरों के और 11000 का मुनाफा।"

जब दूत ने भारत के ठेकेदार को पूछा तो उसने बिना किसी निरीक्षण के झट से कह दिया 29000 रूपए।

दूत ने पूछा, "किस हिसाब से आपने ये अनुमान लगाया।"

ठेकेदार बोला, "10000 आपके 10000 मेरे और....

9000 रूपए पाकिस्तानी ठेकेदार को दे देते है वह 9000 में बहुत अच्छा काम कर लेगा।"



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गुरु, गुरु ही होता है!
एक रात, चार कॉलेज विद्यार्थी देर तक मस्ती करते रहे और जब होश आया तो अगली सुबह होने वाली परीक्षा का भूत उनके सामने आकर खड़ा हो! गया।

परीक्षा से बचने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई। मैकेनिकों जैसे गंदे और फटे पुराने कपड़े पहनकर वे प्रिंसिपल के सामने जा खड़े हुए और उन्हें अपनी! दुर्दशा की जानकारी दी।

उन्होंने प्रिंसिपल को बताया कि कल रात वे चारों एक दोस्त की शादी में गए हुए थे। लौटते में गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। किसी तरह धक्का लगा-लगाकर !गाड़ी को यहां तक लाए हैं। इतनी थकान है कि बैठना भी संभव नहीं दिखता, पेपर हल करना तो दूर की बात है। यदि आप हम चारों की परीक्षा आज के बजाय किसी और दिन ले लें तो बड़ी मेहरबानी होगी।

प्रिंसिपल साहब बड़ी आसानी से मान गए। उन्होंने तीन दिन बाद का समय दिया। विद्यार्थियों ने प्रिंसिपल साहब को धन्यवाद दिया और जाकर परीक्षा की! तैयारी में लग गए।

तीन दिन बाद जब वे परीक्षा देने पहुंचे तो प्रिंसिपल ने ब!ताया कि यह विशेष परीक्षा केवल उन चारों के लिए ही आयोजित की गई है। चारों को अलग-अलग कमरों में बैठना होगा।

चारों विद्यार्थी अपने-अपने नियत कमरों में जाकर बैठ गए। जो प्रश्नपत्र उन्हें दिया गया उसमें केवल दो ही प्रश्न थे:

प्र.1 आपका नाम क्या है? (2 अंक)

प्र.2 गाड़ी का कौन सा टायर पंक्चर हुआ था? (98 अंक)
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शराबी की व्यथा!
एक बार एक शराबी रात के 12 बजे श!राब की दुकान के मालिक को फ़ोन करता है और कहता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"

दुकानदार: सुबह 9 बजे।

शराबी फिर थोड़ी देर बाद दोबारा दुकानदार को फ़ोन करके पूछता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"

दुकानदार: कहा ना सुबह 9 बजे।

कुछ देर बाद शराबी फिर से दुकानदार को फ़ोन कर देता है और पूछता है,"भाई साहब आपकी दुकान कब खुलेगी?"

दुकानदार: अबे तुझे कितनी बार बताऊँ सुबह 9 बजे खुलेगी इसीलिए सुबह 9 बजे आना और जो भी चाहिए हो ले जाना।

शराबी: अबे, मैं तेरी दुकान के अन्दर से ही बोल रहा हूँ।
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नारी शक्ति!
एक औरत ख़रीदारी करने शॉपिंग मॉल मैं गई कैश काउं!टर पर पेमेंट करने के लिए उसने पर्स खोला तो दुकानदार ने महिला के पर्स में टीवी का रिमोट! देखा, दुकानदार से रहा नहीं गया उसने पूछा, "आप टीवी का रिमोट हमेशा अपने साथ लेकर चलती हैं?"

औरत: नहीं, हमेशा नहीं, लेकिन आज मेरे पति ने खरीदारी के लिए मेरे साथ आने से मना कर दिया था।

दुकानदार हंसते हुए बोला, "मैं सभी सामान वापस रख लेता हूँ आप के पति ने आपका क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिया हैं।

शिक्षा: अपने पति के शौक का सम्मान करें।

कहानी अभी भी जारी है;

महिला थोड़ी हँसी फिर अपने पर्स से अपने पति का क्रेडिट कार्ड निकला और सभी बिल की पेमेंट कर दी। पति ने पत्नी का कार्ड ब्लॉक कर दिया था पर अपना कार्ड नहीं।

शिक्षा: एक नारी की शक्ति को कभी कम नहीं समझना चाहिए।
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10 लाख रूपए!
एक बैंक बिल्कुल जेल के सामने था एक दिन बैंक के सेफ का लॉक नही खुल रहा था बैंक वालों ने हर तरह कोशिश की मैकनिक बुलाये पर फिर भी वे सेफ का लॉक नही खोल पाए।

तब बैंक मैनेजर ने जेल में जाकर कैदियों से मदद मांगी एक कैदी सेफ का लॉक खोलने के लिए तैयार हो गया।

उसे पुलिस सुरक्षा में बाहर लाया गया और उसने थोड़ी ही देर में बिना किसी तोड़फोड़ के सेफ खोल दिया।

बैंक मैनेजर उसके उस कारनामे से बहुत खुश हुआ।

मैनेजर ने सेफ खोलने वाले कैदी से कहा, "मैं आपसे बहुत खुश हूँ, आपने बिना किसी क्षति के सेफ खोल दिया आप बताईये की इस काम के लिए हम आपको कितने रू!पए दें।"

सेफ खोलने वाले कैदी ने कहा, "पिछली बार तो !जब मैंने ऐसा ही एक सेफ खोला था तो मुझे 10 लाख रूपए मिले थे तभी तो मैं यहाँ हूँ।"

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उदास क्यों हो?
संता और बंता कई दिनों बाद मिले संता कुछ उदास सा लग रहा था और आँखों में आंसू थे।

बंता ने पूछा, "अरे तुम तो ऐसे लग रहे हो जैसे तुम्हारा सुब कुछ लुट गया हो क्या बात है?"

संता ने कहा, "अरे क्या बताऊँ तीन हफ्ते पहले मेरे अंकल गुजर गए और मेरे लिए 50 लाख रूपए छोड़ गए।"

बंता: तो इसमें बुरी बात क्या है?

संता ने कहा: और सुनो दो हफ्ते पहले मेरा एक चचेरा भाई मर गया जिसे मैं जानता भी नहीं था वो मेरे लिए 20 लाख रूपए छोड़ गया।

बंता ने कहा: ये तो अच्छा हुआ।

बंता ने कहा: पिछले हफ्ते मेरे दादाजी नहीं रहे और वो मेरे लिए पूरा 1 करोड़ छोड़ गए।

बंता ने कहा: ये तो और भी अच्छी बात है पर तुम इतना उदास क्यों हो?

संता ने कहा: इस हफ्ते कोई भी नहीं मरा।
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हिसाब बराबर!
एक बार एक मरता हुआ पति अपनी पत्नी से अ!पराध स्वी!कारोक्ति करते हुए बोला।

पति: प्रिये, दो साल पहले अलमारी से तुम्हारा गोल्ड सेट मैंने ही चोरी किया था।

पत्नी (रोते हुए): कोई बात नहीं जी।

पति: एक साल पहले तेरे भाई ने तुझे जो 1 लाख रूपए दिए थे वो भी मैंने ही गायब किये थे।

पत्नी: कोई बात नहीं मैंने आपको माफ़ किया।

पति: तेरी कमेटी के पैसे भी मैंने ही चोरी किये थे।

पत्नी: कोई बात नहीं जी, आपको ज़हर भी मैंने ही दिया है इसलिए हिसाब बराबर।
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बेरोज़गारी का हाल!
नदी में डूबते हुए आदमी ने पुल पर चलते हुए आदमी को आवाज़ लगायी।

आदमी: "बचाओ-बचाओ।"

पुल पर चलते आदमी ने नीचे देखा और उस आदमी को बचाने के लिए पुल से नीचे रस्सी फैंकी और कहा, "रस्सी को पकड़ के ऊपर आ जाओ।"

परन्तु नदी में डूबता हुआ आदमी रस्सी नहीं पकड़ पा रहा था तो वह डर के मारे चिल्ला कर बोला, "मैं मरना नहीं चाहता, ज़िन्दगी बड़ी कीमती है कल ही तो मेरी टार्जन कंपनी में बड़ी अच्छी नौकरी लगी है।"

इतना सुनते ही पुल पर चलते आदमी ने अपनी रस्सी खींच ली और भागते-भागते टार्जन कंपनी के दफ्तर में गया वहां के मैनेजर से बोला," जिस आदमी को आपने कल नौकरी दी थी वो अभी-अभी डूबकर मर गया है, और इस तरह आपकी कंपनी में एक जगह खाली हो गयी! है, मैं बेरोजगार हूँ इसीलिए मुझे रख लीजिये।"

मैनेजर: "दोस्त, तुमने देर कर दी,! अब से कुछ देर पहले हमने उस आदमी को रखा है, जो उसे धक्का दे कर तुमसे पहले यहाँ आया है।"
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जो आप कहो!
पति: आज खाने में क्या बनाओगी?

पत्नी: जो आप कहो।

पति: दाल-चावल बना लो।

पत्नी: अभी कल ही तो खाये थे।

पति: तो छोले-पूरी बना लो।

पत्नी: नहीं वो बहुत भारी खाना हो जाता है।

पति: अच्छा परांठे बना लो।

पत्नी: रात को परांठे कौन खाता है?

पति: तो फिर इडली-सांभर बना लो।

पत्नी: उसमे तो बहुत टाइम लगेगा।

पति: ठीक है मैग्गी ही बना लो।
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पत्नी: पर उस से पेट नहीं भरेगा।

पति: तो फिर क्या बनाओगी?

पत्नी: जो आप कहो!


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राजनीती का सबक़!
नेता का बेटा अपने पिता! से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं। चलो सबसे पहले मैं तुम्हें पहला और सबसे अहम नियम समझाता हूँ। यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज! दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़ा हो गया।

नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

बेटा: पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

बेटा धड़ाम से औंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

नेता जी: ये है पहला सबक, "राजनीति में अपने बाप का भी! भरोसा मत करो।"
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मेहनत करे मुर्गी अण्डा खाए फ़क़ीर!
एक बार एक किसान का घोडा बीमार हो गया। उसने उसके इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने घोड़े का अच्छे से मुआयना किया बोला, "आपके घोड़े !को काफी गंभीर बीमारी है। ह!म तीन दिन तक इसे दवाई देकर देखते हैं, अगर यह ठीक हो गया तो ठीक नहीं तो हमें इसे मारना होगा। क्योंकि यह बीमारी दूसरे जानवरों में भी फ़ैल सकती है।"

यह सब बातें पास में खड़ा एक बकरा भी सुन रहा था।

अगले दिन डॉक्टर आया, उसने घोड़े को दवाई दी चला गया। उसके जाने के बाद बकरा घोड़े के पास गया और बोला, "उठो दोस्त, हिम्मत करो, नहीं तो यह तुम्हें मार देंगे।"

दूसरे दिन डॉक्टर फिर आया और दवाई देकर चला गया।

बकरा फिर घोड़े के पास आया और बोला, "दोस्त तुम्हें उठना ही होगा। हिम्मत करो नहीं तो तुम मारे जाओगे। मैं तुम्हारी मदद करता हूँ। चलो उठो"

तीसरे दिन जब डॉक्टर आया तो किसान से बोला, !"मुझे अफ़सोस है कि हमें इसे मारना पड़ेगा क्योंकि कोई भी सुधार नज़र नहीं आ रहा।"

जब वो वहाँ से गए तो बकरा घोड़े के पास फिर आया और बोला, "देखो दोस्त, तुम्हारे लिए अब करो या मरो वाली स्थिति बन गयी है। अगर तुम !आज भी नहीं उठे तो कल तुम मर जाओगे। इसलिए हिम्मत करो। हाँ, बहुत अच्छे। थोड़ा सा और, तुम कर सकते हो। शाबाश, अब भाग कर !देखो, तेज़ और तेज़।"

इतने में किसान वापस आया तो उसने देखा कि उसका घोडा भाग रहा है। वो ख़ुशी से झूम उठा और सब घर वालों को इकट्ठा कर के चिल्लाने लगा, "चमत्कार हो गया। मेरा घोडा ठीक हो गया। हमें जश्न मनाना चाहिए। आज बकरे का गोश्त खायेंगे।"

शिक्षा: मैनेजमेंट को भी कभी पता नहीं चलता कि कौन सा कर्मचारी कितना योग्य है।
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व्हाट्सएप्प और फेसबुक की बातचीत में अंतर
फेसबुक पर:
पत्नी ने अपना स्टेटस अपडेट किया: जानू कब से इंतज़ार कर रही हूँ, कब आओगे, तुम्हारी बहुत याद आ रही है।
10 दोस्तों ने स्टेटस को Like किया।

पति ने भी जवाब में अपना स्टेटस अपडेट किया: मेरा हमेशा साथ देने के लिए शुक्रिया, मैं बहुत खुशकिस्मत हूँ जो मुझे तुम मिल गयी। मैं जल्द! ही वापस आ रहा हूँ।
15 लोगों ने स्टेटस को Like किया। सास और साली ने Comment किया।

व्हाट्सएप्प पर:
पत्नी: कब से इंतज़ार कर रही हूँ, घर कब आओगे?

पति: अभी कुछ पता नहीं, दिमाग मत चाटो। जब देखो परेशान करती रहती हो, पता नहीं कहाँ से पल्ले पड़ गयी हो।
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लोकसभा चैनल की टीआरपी में !जबरदस्त उछाल, निजी चैनल मालिकों में मचा हड़कंप!
इस बार संसद का सत्र शुरू होते ही नेताओं के धमाकेदार भाषणों के चलते लोकसभा चैनल की टीआरपी में दिनोंदिन वृद्धि देखने को मिल रही है, जिससे एक ओर लोकसभा टीवी के दफ्तर में ख़ुशी का माहौल है तो वहीं दूसरी ओर निजी टीवी चैनल मालिकों के बीच मायूसी की ल!हर व्याप्त होती जा रही है।

एक निजी चैनल मालिक ने निराशा भरे स्वर में बताया कि नेता अच्छे अभिनेता होते हैं ये बात तो मैं जानता था, मगर इतने अच्छे होते हैं ये पहली बार देखने को मिल रहा है। अगर हमारे सांसद इसी तरह परफॉर्म करते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब मुझे वापस अपना घर-घर जाकर दूध बेचने का धंधा फिर से शुरू करना पड़ेगा।

पता चला है कि लोकसभा टीवी की लोकप्रियता में वृद्धि स्मृति ईरानी के जोरदार भाषण वाले दिन से शुरू हुई और राहुल गाँधी का भाषण होते समय तो इसने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसके बाद जब मोदी जी का नंबर आया और उन्होंने अपना "ये मैंने नहीं कहा ..." वाला भाषण शुरू किया तो दो निजी चैनल मालिक डिप्रेशन में चले गए और उन्हें हस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

बहरहाल, चैनल मालिकों का एक प्रतिनिधि मंड!ल शीघ्र ही सरकार से मिलकर लोकसभा कार्यवाही के सीधे प्रसारण पर रोक लगाने की मांग करने वाला है।

प्रतिनिधि मंडल के एक सदस्य ने बता!या कि वैसे तो हम लोकसभा टीवी को ही बंद करने की मांग कर रहे हैं लेकिन फिलहाल यदि ये संभव नहीं हो पाया तो कम से कम राहुल गाँधी के भाषणों को तो बैन करवा के ही मानेंगे। क्योंकि जब भी उनका भाषण होता !है तब हमारे चैनलों से दर्शक ऐसे गायब हो जाते हैं जैसे गधे के सिर से सींग !

सदस्य ने कहा कि सरकार हमारे साथ ठीक नहीं कर रही है। राहुल गाँधी तो खैर विपक्ष के नेता हैं, पर मोदी जी को इतना अच्छा भाषण देने की क्या जरूरत थी ? और स्मृति ईरानी तो खुद टीवी एक्ट्रेस रह चुकी हैं उन्हें तो हमारा ख्याल करना चाहिए था !

उधर सास-बहू के बोरिंग सीरियल देख-देख कर उकताए दर्शकों ने भी कमर कस ली है और वे संसद का सत्र पूरे साल नॉन-स्टॉप चलाये जाने की मांग करने वाले हैं।

"नेता हमारे और किसी काम तो आते नहीं हैं, कम से कम मनोरंजन ही करें", एक दर्शक का कहना था।

Disclaimer: उपरोक्त खबर पूरी तरह से काल्पनिक है और सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है


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हम हैं हिंदुस्तानी!
1. जब भी दरवाज़े पर घंटी बजती है तो घर का कोई मर्द या कोई बच्चा दरवाज़ा खोलने जाता है और औरत दुपट्टा लेने।

2. किसी भी रिश्तेदार को एयरपोर्ट और रेलवे स्टेश!न पर पूरे परिवार का जाना एक परंपरा बन गयी है।

3. हम बाहर जितना मर्ज़ी खा लें कभी बीमार नहीं हो सकते।

4. हर हिंदुस्तानी महिला के दो प्रमु!ख काम हैं - घर को संभालना और दूसरों की शादियाँ पक्की करवाना।

5. हर हिंदुस्तानी लड़की के तीन तरह के भाई होते हैं - असल भाई, चचेरा भाई और राखी भाई।

6. विदाई के समय दुल्हन का रोना बहुत अनिवार्य है। क्यों!कि इसके बिना शादी की फिल्म अच्छी नहीं लगेगी।

7. हम सब पर दिवाली के दिनों में सफाई का भूत !सवार हो जाता है ताकि जो लोग हमारे घर आयेंगे हम उन्हें दिखा सकें कि हम कितने सफाई पसंद हैं।

8. हम कितने भी बड़े हो जाएँ फिर!भी हमारे माता-पिता को हमारी हर खबर होनी चाहिए, कहाँ गए थे, कहाँ से आ रहे हो, क्या कर रहे हो... वगैरह-वगैरह।

9. जब भी हिंदुस्तानी माता-पिता कोई टिकट खरीदते हैं तो उनका बच्चा 12 साल से कम हो जाता है। उनके लिए बच्चे की आधी टिकट लेना बहुत बड़ी जीत है।

10. अगर हम अपने माता-पिता से दूर किसी दूसरे शहर में रहते हैं तो हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि हम हर रोज़ अपनी माँ को फ़ोन करें नहीं तो वो हमारे दोस्तों को फ़ोन करके हमारा हाल-चाल पूछेगी।

11. दुनिया में कोई भी हमें मोल-भाव करने में नहीं पछाड़ सकता। चलो भाई न तुम्हारा न हमारा इतने पैसे ठीक हैं।

12. हम चाहे कितने भी बड़े कान्वेंट स्कूल में पढ़ लें, ज़रुरत पड़ने पर गालियां हम अपनी मात्र भाषा में ही देते हैं।

13. जब कोई मेहमान घर से जाने लगता है तो दरवाज़े में खड़े होकर ही अचानक हमें सारी बातें याद आ जाती हैं जो हम घर के अंदर करना भूल जाते हैं।

14. जब हम रिमोट को इधर-उधर ठोक कर चला सकते हैं तो बैटरी क्यों बदली जाये।
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पप्पू का शिक्षक-प्रेम!
एक बार एक शिक्षक ने क्लास में बच्चों से एक सवाल पूछा।

शिक्षक: बच्चों अगर तुम देखो की तुम्हारे स्कूल के साम!ने एक बदमाश बम रख कर जा रहा है तो तुम क्या करोगे?

शिक्षक का सवाल सुन कर बच्चे एक दूसरे का मुंह ताकने लगे पर जवाब किसी को नहीं सुझा, तो आखिरी बेंच पर शिक्षक ने देखा की पप्पू बैठा हु!आ मुस्कुरा रहा है। पप्पू को मुस्कुराता हुआ देख कर शिक्षक ने उस से पूछा, "बेटा पप्पू क्या तुम जवाब जानते हो"?

पप्पू: जी मास्टरजी जवाब तो मेरे पास है पर मैं बताउंगा नहीं क्योंकि उसके बाद आप मुझे मारोगे।

शिक्षक: नहीं बेटा नहीं मारूंगा तुम जवाब बताओ।

पप्पू: मास्टरजी पहले तो हम कुछ देर इंतज़ार करेंगे कि पुलिस आकर उस बम को निष्क्रिया कर दे और अगर पुलिस नहीं आयी तो हम चुपचाप वह बम लाकर स्टाफ रूम में रख देंगे।
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मंदी की मार!
एक छोटे से शहर मे एक बहुत ही मश्हूर बनवारी लाल सामोसे बेचने वाला था। वो ठेला लगाकर रोज दिन में 500 समोसे खट्टी मीठी चटनी के साथ बेचता था। रोज नया तेल इस्तमाल करता था और कभी अगर समोसे बच जाते तो उनको कुत्तो को खिला देता, बासी समोसे या चटनी का प्रयोग बिलकुल नहीं करता था, उसकी चटनी भी ग्राहकों को बहुत पसंद थी जिससे समोसों का स्वा!द और बढ़ जाता था। कुल मिलाकर उसकी क्वालिटी और सर्विस बहुत ही बढ़िया थी।

उसका लड़का अभी अभी शहर से अपनी !MBA की पढाई पूरी करके आया था। एक दिन लड़का बोला, "पापा मैंने न्यूज़ में सुना है मंदी आने वाली है, हमे अपने लिए कुछ Cost Cutting करके कुछ पैसे बचने चाहिए, उस पैसे को हम मंदी के समय इस्तेमाल करेंगे।

बनवारी लाल: बेटा में अनपढ़ आदमी हूँ मुझे ये Cost Cutting - Wost Cutting नहीं आता ना मुझसे ये सब होगा, बेटा तुझे पढ़ाया लिखाया है अब ये सब तू ही सम्भाल।

बेटा: ठीक है पिताजी आप रोज रोज ये जो फ्रेश तेल इस्तमाल करते हो इसको हम 80% फ्रेश और 20%पिछले दिन का जला हुआ तेल इस्तेमाल करेंगे।

अगले दिन समोसों का टेस्ट हल्का सा चेंज था पर फिर भी उसके 500 समोसे बिक गए और शाम को बेटा बोलता है देखा पापा हमने आज 20%तेल के पैसे बचा लिए और बोला पापा इसे कहते है Cost Cutting

बनवारी लाल: बेटा मुझ अनपढ़ से ये सब नहीं होता ये तो सब तेरे पढाई लिखाई का कमाल है।

लड़का: पापा वो सब तो ठीक है पर अभी और पैसे बचाने चाहिए। कल से हम खट्टी चटनी नहीं देंगे और जले तैल की मात्र 30% प्रयोग में लेंगे।

अगले दिन उसके 400 समोसे बिक गए और स्वाद बदल जाने के कारन 100 समोसे नहीं बिके जो उसने जानवरो और कुत्तो को खिला दिए।

लड़का: देखा पापा मैंने बोला था ना मंदी आने वाली है आज सिर्फ 400 समोसे ही बिके है।

बनवारी लाल: बेटा अब तुझे पढ़ाने लिखाने का कुछ फायदा मुझे होना ही चाहिए। अब आगे भी मंदी के दौर से तू ही बचा।!

लड़का: पापा कल से हम मीठी चटनी भी नहीं देंगे और जले तेल की मात्रा हम 40% इस्तेमाल करेंगे और समोसे भी कल से 400 हीे बनाएंगे।

अगले दिन उसके 400 समोसे बिक गए पर सभी ग्राहकों को समोसे का स्वाद कुछ अजीब सा लगा और चटनी ना मिलने की वजह से स्वाद और बिगड़ा हुआ लगा। शा!म को लड़का अपने पिता से बोला, "देखा पाप आज हमे 40% तेल, चटनी और 100 समोसे के पैसे ब!चा लिए। पापा इसे कहते है Cost Cutting और कल से जले तेल की मात्रा 50% कर दो और साथ में Tissue पेपर देना भी बंद कर दो।

अगले दिन समोसों का स्वाद कुछ और बदल गया और उसके 300 समोसे ही बिके।

शाम को लड़का अपने पिता से, "पापा बोला था ना आपको की मंदी आने वाली है।"

बनवारी लाल: हाँ बेटा तू सही कहता है मंदी आ गई है। अब तू आगे देख क्या करना है कैसे इस मंदी से लड़े?

लड़का :पापा एक काम करते हैं कल 200 समोसे ही बनाएंगे और जो आज 100 समोसे बचे है कल उन्ही को दोबारा तल कर मिलाकर बेचेंगे।

अगले दिन समोसों का स्वाद और बिगड़ गया, कुछ ग्रा!हकों ने समोसे खाते वक़्त बनवारी लाल को बोला भी और कुछ चुप चाप खाकर चले गए। आज उसके 100 समोसे ही बिक पाये और 100 बच गए।

शाम को लड़का बनवारी लाल से, "पापा! देखा मैंने बोला था आपको और ज्यादा मंदी आएगी अब देखो कितनी मंदी आ गई है।"

बनवारी लाल: हाँ बेटा तू सही बोलता है तू पढ़ा लिखा है समझदार है। अब आगे कैसे करेगा?

लड़का: पापा कल हम आज के बचे हुए 100 समोसे दोबारा तल कर बेचेंगे और नए समोसे नहीं बनाएंगे।

अगले दिन उसके 50 समोसे ही बिके और 50 बच गए। ग्राहकों को समोसे का स्वाद बेहद ही ख़राब लगा और मन ही मन सोचने लगे बनवारी लाल आज-कल कितने बेकार समोसे बनाने लगा है और चटनी भी नहीं देता कल से किसी और दुकान पर जाएंगे।

शाम को लड़का: पापा देखा मंदी आज हमने 50 समोसों के पैसे बचा लिए। अब कल फिर से 50 बचे हुए समोसे दोबारा तल कर गरम करके बचेंगे।

अगले दिन उसकी दुकान पर शाम तक एक भी ग्राहक नहीं आया और बेटा बोला, "देखा पापा मैंने बोला था आपको और मंदी आएगी और देखो आज एक भी ग्राहक नहीं आ!या और हमने आज भी 50 समोसे के पैसा बचा लिए। इसे कहते है Cost Cutting"

बनवारी लाल: तू सच में MBA करके! आया है या अरुण जेटली से मिलकर आया है जो हर चीज़ में Cost Cutting कर दी और मेरी दूकान बंद करवा दी।
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पति का गम!
पत्नी को किसी किटी पार्टी में जाना था तो उसने अपने पति से पूछा, "सुनो जी मैं कौन सी साड़ी पहनूं? ये नीली वाली या लाल वाली?

पति: नीली वाली पहन लो।

पत्नी: लेकिन नीली वाली तो मैंने परसो भी पहनी थी।

पति: अच्छा तो फिर लाल ही पहन लो।

पत्नी: अच्छा अब यह बताओ, लाल साड़ी के साथ सैंडल कौन से अच्छे लगेंगे? ये फूल वाले या प्लेन?

पति: प्लेन वाले।

पत्नी: अरे मैं पार्टी में जा रही हूँ, किसी कथा में नहीं!। थोड़ी तड़क -भड़क तो दिखनी चाहिए ना।

पति: ताे ठीक है फूल वाले पहन लो।

पत्नी: अच्छा बिंदी कौन !सी अच्छी लगेगी? ओवल या ये बड़ी या ये छोटी सी?

पति: मेरे ख्याल से तो ओवल ठीक रहेगी।

पत्नी: तुम्हें फैशन का जरा भी आइडिया नहीं है। मैंने जो साड़ी पहनी है ना, उसके साथ तो ये छोटी ही अच्छी लगेगी।

पति: तो ठीक है, छोटी बिंदी ही लगा लो।

पत्नी: अच्छा, पर्स कौन सा जमेगा? यह क्लच या बड़ा हैंडबैग।

पति: क्लच ले लो।

पत्नी: अाजकल तो बड़े हैंडबैग का फैशन है।

पति: ताे अरे बाबा, वही ले जाओ, मुझे क्या करना है। बस पार्टी को एंजॉय करना।

पत्नी जब पार्टी से लौटकर आई तो बड़े गुस्से में थी।

पति: अरे क्या हुआ?

पत्नी: तुम एक भी काम ढंग से नहीं कर सकते क्या?

पति: क्यों मैंने क्या गलत कर दिया?

पत्नी: पार्टी में सब मेरा मजाक उड़ा रहे थे कि कैसी साड़ी पहनकर आ गई, कैसी बिंदी लगाई है, पर्स और सैंडल पर भी कमेंट पास कर रहे थे।

पति: तो इसमें मेरा क्या दोष है?

पत्नी: सब मैंने तुमसे ही पूछ क!र किया था न? ढंग से नहीं बता सकते थे क्या? इससे तो अच्छा था कि मैं खुद ही डिसाइड कर लेती।

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स्वस्थ रहने का उपाय!
दोस्तो आज हम शरीर को स्वस्थ रखने के उपाय बताएँगे।

आज हमारे शरीर में धूल-मि!ट्टी, धुआँ, दूषित पानी, जहर युक्त फल एवं सब्जी से हमारे अंदर अनेक कीटाणु प्रवेश कर रहे हैं। इस सबसे बचने का एक ही उपाय है और वह है "शराब" जिसके चार पैग लगाते ही सारे कीटाणु मर जाते हैं और शरीर पूरी तरह से तरो-ताजा रहता है।

इस औषधी का उपयोग करने की विधि:

शाम को अपना सारा काम पूर्ण करने के बाद, दो गिलास लें व एक अच्छी कंपनी की शराब की बोतल लें और बर्फ और सोडा पानी और नमकीन काजू बादाम वगैरह और मुझे फोन कर के बुलायें। ताकि आप को एक अच्छा साथ मिल सके और आपका जीवन आनंद पूर्वक बीते।

यह बात अच्छी लगे तो अपने इष्ट मित्रों के साथ शेयर करें और उन्हें भी लाभ उठाने का मौका दें।

धन्यवाद!
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सब यही चाहते है!
पुरुषों के सुखी जीवन के लिए पांच सूत्र

1. आपके पास ऐसी स्त्री हो! जो घर का काम करे, खाना बनाए और कपड़े धोए!

2. आपके पास ऐसी स्त्री हो जो आप!को हंसाये और खुश रखे!

3. आपके पास ऐसी स्त्री हो जिस पर आप विश्वास कर सकें और जो आपसे झूठ न बोले!

4. आपके पास ऐसी स्त्री हो जो आपको प्यार करे और आपके साथ रहकर आनंद का अनुभव करे!

5. आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण बात:- उपरोक्त चारों स्त्रियां एक दूसरे से बिल्कुल परीचित न हों!
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कुछ अनसुलझे सवाल!
कुछ सवाल ऐसे भी होते हैं जिनका कोई सही जवाब नही हो सकता।

बीवी: क्या मैं मोटी दिखती हूँ?
पति: हाँ 😳
बीवी: *चटाक* 😡

बीवी: क्या मैं मोटी दिखती हूँ?
पति: नहीं 😜
बीवी: झूठे 😡

बीवी: क्या मैं मो!टी दिखती हूँ?
पति: शायद 😛
पत्नी: तुम ऐसे कैसे कह सकते हो? 😡

बीवी: क्या मैं मोटी दिखती हूँ?
पति: मुझे नहीं पता 😏
बीवी: अंधे हो क्या 😡

बीवी: क्या मैं मोटी दिखती हूँ?
पति: Depend करता है 🤔😣
बीवी: ओह! तो तुम मेरी तुलना किसी और के साथ कर रहे हो 😡
बीवी: क्या मैं मोटी दिखती हूँ?
पति: 'चुप' 😷😤
बीवी: बहरे हो क्या? सुनाई नही देता क्या?
विवाहित  102
जन्मदिन का तोहफा!
एक बार एक आदमी अपनी पत्नी के लिए के लिए पियानो लेकर आया, तो उसके दोस्त ने उस से पूछा, "यार तुम ये पियानो क्यों ले रहे हो?"

आदमी: यार वो मेरी बीवी पियानो बजाना सीखना चाहती थी इसीलिए ये उसके जन्मदिन का तोहफा है।

कुछ दिनों बाद दोनों दोस्त फिर मिले तो दूसरे दोस्त ने पूछा, "और बताओ क्या भाभी ने अब पियानो बजाना सीख लिया है?"

आदमी: नही, हमने उसे वापस कर दिया और मैं! उसकी जगह शहनाई लाया हूँ।

दोस्त: शहनाई वो किस लिए?

आदमी: शहनाई बजाते हुए मे! बीवी कम से कम अपनी बेसुरी आवाज़ में गाना तो नही गा पाएगी।



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आरक्षण और ऑफर!
अगर आरक्षण का यही हाल रहा तो हो सकता है कि एक दिन ऐसा आएगा जब मोबाइल कंपनियां ऐसे ऑफर देंगी।
Genral - ₹249 में 1 GB (2G)
OBC - ₹149 में 1.5 GB (3G)
S.C - ₹99 में 4 GB (3G)
S.T - ₹50 में 3G अनलिमिटेड

भला हो रेलवे रिजर्वेशन पर इन आरक्षण मांगने वालो की नज़र नहीं पड़ी नहीं तो सीट भी इस प्रकार होती
S.C - अपर बर्थ
S.T - मिडिल बर्थ
O.B.C.- लोअर बर्थ
Genral - अपनी दरी सा!थ लेकर जाएँ।

कुछ दिनों में विवाह हेतु भी स्कीम चलेगी
S.C - 3 पत्नी
S.T -2 पत्नी
OBC - 1 पत्नी
Genral - एक भी नहीं क्यों!कि नौकरी नहीं तो छोकरी नही
गुदगुदी  423
कुछ यूँ ही!
मैं शांति से बैठा अपना इंट!रनेट चला रहा था। तभी कुछ मच्छरों ने आकर मेरा खून चूसना शुरू कर दिया। स्वाभाविक प्रतिक्रिया में मेरा हाथ उठा और चटाक हो गया और दो-एक मच्छर ढेर हो गए। फिर क्या था उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया कि मैं असहिष्णु हो गया हूँ।

मैंने पूछा, "इसमें असहिष्णुता की क्या बात है?"

वो कहने लगे, "खून चूसना उनकी आज़ादी है।"

बस "आज़ादी" शब्द सुनते ही कई बुद्धिजीवी उनके पक्ष में उतर आये और बहस करने लगे। इसके बाद नारेबाजी शुरू हो गयी।

"कितने मच्छर मारोगे हर घर से मच्छर निकलेगा"

बुद्धिजीवियों ने अख़बार में तपते तर्कों के सा!थ बड़े-बड़े लेख लिखना शुरू कर दिया।

उनका कहना था कि मच्छर देह प!र मौज़ूद तो थे लेकिन खून चूस रहे थे ये कहाँ सिद्ध हुआ है और अगर चूस भी रहे थे तो भी ये गलत तो हो सकता है लेकिन 'देहद्रो!ह' की श्रेणी में नहीं आता। क्योंकि ये "मच्छर" बहुत ही प्रगतिशील रहे हैं। किसी की भी देह पर बैठ जाना इनका 'सरोकार' रहा है।

मैंने कहा, "मैं अपना खून नहीं चूसने दूंगा बस।"

तो कहने लगे, "ये "एक्सट्रीम देहप्रेम" है। तुम कट्टरपंथी हो, डिबेट से भाग रहे हो।"

मैंने कहा, "तुम्हारा उदारवाद तुम्हें, मेरा खून चूसने की इज़ाज़त नहीं दे सकता।"

इस पर उनका तर्क़ था कि भले ही यह गलत हो लेकिन फिर भी थोड़ा खून चूसने से तुम्हारी मौत तो नहीं हो जाती, लेकिन तुमने मासूम मच्छरों की ज़िन्दगी छीन ली। "फेयर ट्रायल" का मौका भी नहीं दिया।

इतने में ही कुछ राजनेता भी आ गए और वो! उन मच्छरों को अपने बगीचे की 'बहार' का बेटा बताने लगे।

हालात से हैरान और परेशान होकर मैंने कहा कि लेकिन ऐसे ही मच्छरों को खून चूसने देने से मलेरिया हो जाता है, और तुरंत न सही बाद में बीमार औ!र कमज़ोर होकर मौत हो जाती है।

इस पर वो कहने लगे कि तुम्हारे पास तर्क़ नहीं हैं इसलिए तुम भविष्य की कल्पनाओं के आधार पर अपने 'फासीवादी' फैसले को ठीक ठहरा रहे हो।

मैंने कहा, "ये साइंटिफिक तथ्य है कि मच्छरों के काटने से मलेरिया होता है। मुझे इससे पहले अतीत में भी ये झेलना पड़ा है। साइंटिफिक शब्द उन्हें समझ नहीं आया।"

तथ्य के जवाब में वो कहने लगे कि मैं इतिहास को मच्छर समाज के प्रति अपनी घृणा का बहाना बना रहा हूँ। जबकि मुझे वर्तमान में जीना चाहिए।

इतने हंगामें के बाद उन्होंने मेरे ही सिर माहौल बिगाड़ने का आरोप भी मढ़ दिया।

मेरे ख़िलाफ़ मेरे कान में घुसकर सारे मच्छर भिन्नाने लगे कि "लेके रहेंगे आज़ादी"।

मैं बहस और विवाद में पड़कर परेशान हो गया था। उससे ज़्यादा जितना कि खून चूसे जाने पर हुआ। आख़िरकार मुझे तुलसी बाबा याद आये: "सठ सन विनय कुटिल सन प्रीती"।

और फिर मैंने काला हिट उठाया और मं!डली से मार्च तक, बगीचे से नाले तक उनके हर सॉफिस्टिकेटेड और सीक्रेट ठिकाने पर दे मारा।

एक बार तेजी से भिन्न-भिन्न !हुई और फिर सब शांत। उसके बाद से न कोई बहस न कोई विवाद, न कोई आज़ादी न कोई बर्बादी, न कोई क्रांति न कोई सरोकार।

अब सब कुछ ठीक है बस यही दुनिया की रीत है।
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जाट का खूंटा!
एक जाट ने सार्वजनिक स्थान पर भैंस बांधने के लिए खूटा गाड़ रखा था। अन्य चौधरियो ने खूटा उखाड़ने का अनुरोध किया किन्तु जाट ने बात नहीं मानी। अंत में पंचायत बुलायी गयी।

पंचों ने जाट से कहा, "तूने खूटा गलत जगह गाड़ रखा है।"

जाट: मानता हूँ भाई।

पंच: खूटा यहाँ नहीं गाड़!ना चाहिए था।

जाट: माना भाई।

पंच: खूंटे से टकरा कर !बच्चों को चोट लग सकती है।

जाट: मानता हूं।

पंच: भैंस सार्वजनिक स्थान पर गोबर करती है, गंदगी फैलती है।

जाट: मानता हूं।

पंच: भैंस बच्चों को सींग पूँछ भी मार देती है।

जाट: मानता हूं, मैंने तुम्हारी सभी बातें मानी। अब पंच लोगो मेरी एक ही बात मान लो।

पंच: बताओ अपनी बात।

जाट: खूंटा तो यहीं गडेगा।
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अहमियत बीवी की!
सुबह उठ कर पत्नी को पुकारते हैं, सुनो चाय लाओ।

थोड़ी देर बाद फिर आवाज़, सुनो नाश्ता बनाओ।

क्या बात है, आज अभी तक अ!खबार नहीं आया।

जरा देखो तो, किसी ने दरवा!जा खटखटाया।

अरे आज बाथरूम में साबुन नहीं है क्या?

देखो तो कितना गीला पड़ा है तौलिया।

अरे,ये शर्ट का बटन टूटा है, जरा लगा दो और मेरे मौजे कहाँ है, जरा ढूंढ के ला दो।

लंच के डिब्बे में आलू के परांठे दो ज्यादा रख देना।

देखो अलमारी पर कितनी धूल जमी पड़ी है, लगता है कई दिनों से डस्टिंग नही की है।

गमले में पौधे सूख रहे हैं, क्या पानी नहीं डालती हो? दिन भर करती ही क्या हो बस गप्पे मारती हो।

शाम को डोसा खाने का मूड है, बना देना।

बच्चों की परीक्षाएं आ रही हैं प!ढ़ा देना।

सुबह से शाम तक कर फरमाईशें कर नचाते हैं, चैन से सोने भी नहीं देते, सताते हैं।

दिनभर में बीवियां कितना का!म करती हैं ये तब मालूम पड़ता है जब वो बीमार पड़ती हैं। एक दिन में घर अस्त व्यस्त हो जाता है, रोज का सारा रूटीन ही ध्वस्त! हो जाता है। आटे दाल का सब भाव पता चल जाता है। बीवी की अहमियत क्या है, ये पता चल जाता है।

सभी बीवियों को सलाम।


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मन्नत मांगो जन्नत नहीं!
एक बार एक आदमी की अपनी पत्नी से बहुत घमासान लड़ाई हो गयी तो वह गुस्से में घर छोड़ कर चला गया और जंगल में समाधि लगा कर बैठ गया।

कईं महीनो की घोर तपस्या के बाद भगवान् उस पर प्रसन्न होकर उसके समक्ष प्रकट हुए और उससे बोले।

भगवान्: आँखे खोलो वत्स।

आवाज़ सुन कर उस आदमी ने आँखे! खोली तो अपने सामने भगवान् को देख वह आदमी भगवान् से बोला, " हे प्रभु मेरे दुखों का निवारण करो।"

भगवान्: बोलो वत्स तुम्हारी क्या इच्छा है।

आदमी: प्रभु मैं अपनी! पत्नी से बहुत परेशान हूँ और मैं चाहता हूँ या तो आप उसे गूंगा कर दो या मुझे फिर से कुंवारा बना दो।

भगवान: वत्स मैंने तुम्हे मन्नत मांगने को बोला था जन्नत मांगने को नहीं।
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कबीर के आधुनिक दोहे!
यदि कबीर जिन्दा होते तो आजकल के दोहे यह होते:

नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात;
बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात;

पानी आँखों का मरा, मरी शर्म औ लाज;
कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज;

भाई भी करता नहीं, भाई पर वि!श्वास;
बहन पराई हो गयी, साली खा!समखास;

मंदिर में पूजा करें, घर में! करें कलेश;
बापू तो बोझा लगे, पत्थर लगे गणेश;

बचे कहाँ अब शेष हैं, द!या, धरम, ईमान;
पत्थर के भगवान हैं, पत्थर दिल इंसान;

पत्थर के भगवान को, लगते छप्पन भोग;
मर जाते फुटपाथ पर, भूखे, प्यासे लोग;

फैला है पाखंड का, अन्धकार सब ओर;
पापी करते जागरण, मचा-मचा कर शोर;

पहन मुखौटा धरम का, करते दिन भर पाप;
भंडारे करते फिरें, घर में भूखा बाप।
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सेर को सवा सेर!
एक बार एक आदमी था। जिसने अपनी सारी ज़िन्दगी बहुत काम किया और बहुत पैसा कमाया। पैसा होने के बावजूद भी वो बहुत कंजूस था। उसे अपनी ज़िन्दगी में सबसे ज्यादा प्यार अपने पैसे से था। यहाँ तक कि उसने अपनी पत्नी से भी यह वायदा लिया !था की जब वो मर जायेगा तो उसका सारा पैसा उसके साथ उसकी कब्र में दफना देना।

उसकी पत्नी ने भी उससे वायदा कर दिया कि! जब वो मरेगा तो वो ऐसा ही करेगी।

कुछ दिनों बाद आदमी की मौत हो गयी!। आदमी को ताबूत में लिटाया गया और जब सब लोग उस ताबूत को दफ़नाने लगे तो पत्नी ने उनको रुकने को कहा।

सब रुक गए तभी उस आदमी की पत्नी! एक डिब्बा लेकर आई और उसे ताबूत में रख दिया। सब लोग यह देख कर हैरान थे कि वो ऐसा क्यों कर रही !है। पति तो अब मर चुका है तो अब सारा पैसा पत्नी का ही है फिर भी वो डिब्बा ताबूत में रखना चाहती है।

पत्नी ने सब की बात सुनी और बोली, "मैं एक अच्छी पत्नी हूँ जो अपने पत्नी की हर इच्छा पूरी करुँगी। मैंने उनसे वायदा किया था कि मैं उनके सारे पैसे उनके साथ ही ताबूत में छोड़ दूंगी।"

किसी ने उससे पूछा, "इसका मतलब तुमने सारे पैसे एक साथ इसमें रख दिए?"

पत्नी ने जवाब दिया, "हाँ बिल्कुल, मैंने उसके सारे पैसे अपने खाते में जमा करवा दिए हैं और अपने पति के नाम का चेक लिख दिया है जो कि इस डिब्बे में है!"
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भारत और महाभारत!
दुर्योधन और राहुल गांधी - दोनों ही अयोग्य! होने पर भी सिर्फ राजपरिवार में पैदा होने के कारन शासन पर अपना अधिकार समझते हैं।

भीष्म और आडवाणी - कभी भी स!त्तारूढ़ नही हो सके फिर भी सबसे ज्यादा सम्मान मिला। उसके बाद भी जीवन के अंतिम पड़ाव पे सबसे ज्यादा असहाय दिखते हैं।

अर्जुन और नरेंद्र मोदी - दोनों योग्यता से धर्मं के मार्ग पर चलते हुए शीर्ष पर पहुचे जहाँ उनको एहसास हुआ की धर्म का पालन कर पाना कितना कठिन होता है।

कर्ण और मनमोहन सिंह - बुद्धिमान और योग्य होते हुए भी अधर्म का पक्ष लेने के कारण जीवन में वांछित सफलता न पा सके।

जयद्रथ और केजरीवाल - दोनों अति महत्वाकांक्षी एक ने अर्जुन का विरोध किया दूसरे ने मोदी का। हालांकि इनको राज्य तो प्राप्त हुआ लेकिन घटिया राजनीतिक सोच के कारण बाद में इनकी बुराई ही हुयी।

शकुनि और दिग्विजय - दोनों ही अपने स्वार्थ के लिए अयोग्य मालिको की जीवनभर चाटुकारिता करते रहे।

धृतराष्ट्र और सोनिया - अपने पुत्र प्रेम में अंधे है।

श्रीकृष्ण और कलाम - भारत में दोनों को बहुत! सम्मान दिया जाता है परन्तु न उनकी शिक्षाओं को कोई मानता है और न उनके बताये रास्ते का अनुसरण करता है।


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तीन सेल्समैन!
तीन सेल्समैन बड़ी शेखियां बघार रहे! थे वे अपने आप को सबसे बढ़िया सेल्समैन साबित करते हुए कह रहे थे:

पहला: मैंने आज एक अंधे आदमी को रंगीन टी.वी. बेचा!

दूसरा: मैंने तो एक बहरे आदमी को सोनी का म्युज़िक सिस्टम बेच दिया!

तीसरा: अरे मैंने तो आज बंता को कुकू घड़ी (Cuckoo clock) बेच दी!

बाकि दोनों उससे पूछने लगे तो क्या हुआ!

तीसरे ने कहा अरे मैंने कुकू घड़ी के साथ उसको 50 किलोग्राम पक्षियों का दाना भी बेच दिया!
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लड़कों को रिजेक्ट करते वक्त लड़कियों के 10 बहाने
1. तुम तो मेरे भाई जैसे हो- प्यार का इजहार करते ही लड़कों के दिलों दिमाग में रक्षा बंधन का एहसास लाने वाला जो बहाना सबसे पहले आता है, वो है- तुम तो मेरे भाई जैसे हो। मैंने तुम्हें कभी इस नजर से नहीं देखा। मैं तो तुम्हें भाई मानती थी और तुम...छी छी। यह बहाना लड़कों में धिक्कार भाव को अनचाहा जन्म देता है। बहाना सुनते ही आशिक को कई दिन सदमे से निकलने में लग जाते हैं।

2. प्यार माई फुट- जिस तरह भूत है या नहीं, इसको लेकर का!फी संशय है, ठीक उसी तरह कुछ सुंदरियों को प्यार के अस्तित्व पर शक रहता है। ऐसे में कोई मासूम दिल किसी सुंदरी से प्यार करने की गुस्ताखी कर बैठता है तो पहला जवाब आता है। 'प्यार माई फुट', मुझे प्यार! में यकीन नहीं है। हालांकि यह बहाना आज के दौर में वीसीआर कैसेट की तरह हो गयाहै, जिसका इस्तेमाल कम ही होता है।

3. अपनी शक्ल देखी है क्या- जब बात !दिल की चल रही हो और शक्ल बीच में आ जाए तो समझ लीजिए कि आपका मामला अमुक इश्क के मंदिर में फिट नहीं होगा।

लड़कियां प्यार का इजहार करते वक्त अक्सर गुस्से में यह कह देती हैं कि 'अपनी शक्ल देखी है क्या'। ऐसे में उन लड़कों का दिल सबसे ज्यादा टूटता है, जो! महीने में कई बार छिप-छिप कर फेशियल करवाते हैं। 4. सारे लड़के एक जैसे होते हैं- वो लड़कियां जिन्हें प्यार में लड़के धोखा दे देते हैं, ऐसी लड़कियां लड़कों को लेकर एक बुरी छवि बना लेती हैं और हर बार करीब आने वाले लड़के को इस पुरस्कार से नवाजती हैं कि 'सारे लड़के एक जैसे होते हैं'। हालांकि यह बहाना 'शक्ल देखी है' !वाले बहाने की काट करता है।

5. मां-बाप को धोखा- बॉर्नवीटा और भगवान कृष्ण को गुरु मानते हुए लड़के अपने रपटते दिल की बात जैसे ही लड़कियों के सामने रखते हैं, फट से जैसे जवाब आता है, मैं अपने मां-बाप-परिवार को धोखा नहीं दे सकती। इस बहाने को सुनते ही लड़कों के मन में ख्याल आता है कि प्यार मांगा है तुम्हीं से।।घर की रजिस्ट्री के कागज नहीं मांगे हैं।

6. करियर जरूरी है भई- प्यार करने के बाद करियर चौपट हो जाता है। इस अटूट सत्य का ज्ञान लड़कों के प्यार का इजहार करते ही लड़कियां दे देती हैं। इज!हार करने वाले लड़कों को यह ज्ञान तब मिलता है, जब वो अपनी ट्यूशन फीस से कई मर्तबा ग्रीटिंग कार्ड खरीदने में खर्च कर चुके होते हैं।

7. मेरी उम्र ही क्या है- प्यार करने के लिए वोटर कार्ड जरूरी होता है क्या। यही सवाल सोचते हुए लड़कों ने घंटों पार्क में बिता दिए होंगे, जब कि!सी खूबसूरत प्रेमिका ने यह कहा होगा कि मेरी अभी उम्र ही क्या है। तुम मुझसे उम्र में बड़े या छोटे हो।

8. बाबा जी का ठुल्लू- प्यार को कबूल न करने के बहानों में इस बहाने का एंट्री जल्दी ही हुई है। पर जिस तेजी से इसने एकतरफा इश्क की बगिया में पांव पसारे हैं, ऐसा मालूम होता है कि आने वाला कल इसी बहाने का है।

9. मेरा ब्वॉयफ्रेंड है- मेरा ब्वॉयफ्रेंड है।।बस ये सुनते ही लड़कों के दिमाग और जुबां पर यही सवाल आ जाता है कि मुझमें क्या कमी है। इस बहाने को कुंठा पैदा करने कीश्रेणी में अव्वल दर्जा प्राप्त है। इस बहाने के कान में घुसते ही लड़के आसमान की ओरदेखते हुए कल्पनाओं के सागर में उतरकर अपनी तुलना उस लड़के से करने लगते हैं, जिसका जिक्र बहाने के तौर पर या सच्चाई बताते हुए लड़कियां कर देती हैं।

10. मैं उस तरह की लड़की नहीं हूं- महिलाओं को बांटने की रणनीति के तहत ही इस बहाने का जन्म हुआ था। लड़कों को कई मर्तबा 3 जादुई शब्द सुनने को मिल जाते हैं। मैं बाकी लड़कियों जैसी नहीं हूं। ऐसे में प्यार का इजहार करने वाले के मन में भी यह शक !और खोज करने की इच्छा पैदा हो जाती है कि मैं अब उस तरह की लड़की कहां से लाऊं।प्यार का मजा तब ही है, जब कई बार इंकार हो, तकरार हो, कभी कभार मार भी हो। तो ऐसे में अगर कोई लड़का किसी लड़की से सच्ची! मोहब्बत करता है, तो वो इन बहानों से न घबराए और प्यार को साबित करने की कोशिश करते रहे। लेकिन सीमाओं का ध्यान रहे, डर फिल्म के शाहरुख खान बनोगे तो भैया वही हाल होगा जो शाहरुख का कि!।।कि। करते हुए फिल्म के आखिरमें हुआ था। बाकी प्यार सच्चा है तो राहत इंदौरी के तोड़े गए इस शेर को दिमाग में बैठा लीजिए,
'फूलों की दुकानें खोलो, खुशबू का व्यापार करो, मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर कर नदियां पार करो'।
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स्माइल प्लीज!
तीन मरे हुए राजनीतिज्ञों के शव शमशान में उठ खड़े हुए सभी के मुहं में बड़ी मुस्कान थी, पुलिस ने डाक्टर को बुलाया ये देखने के लिए की क्या हो गया है, एक जासूस पुलिस वाले को भी बुलाया गया की देखें क्या हुआ है!

पहले शव को देखकर डाक्टर ने कहा, ये बी.जे.पी का नेता है जो हर्ट अटैक से मरा जब ये अपनी नौकरानी के साथ प्यार कर रहा था इसीलिए बड़ी हंसी हंस रहा है डाक्टर ने कहा!

पुलिस ने दूसरा शव बाहर निकाला तो डाक्टर ने कहा ये सतासीन पार्टी का नेता है, इसकी उम्र 70 साल है सरकारी कोष में घोटाले करके सारा पैसा शराब में उड़ाया लीवर ख़राब होने से मरा फिर भी मुस्करा रहा है ये कुछ खास नहीं है!

पुलिस ने सोचा और तीसरे शव को देखा, !डाक्टर ने कहा ये सबसे अनोखा है, बिहार का सांसद, उम्र 60 साल ये आसमानी बिजली के गिरने से मर गया!

पुलिस वाले ने पूछा पर ये हंस क्यों रहा है?

तो डाक्टर ने कहा, ये अभी !भी यही सोच रहा है की इसकी फोटो खिंची जा रही है!
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औरत के कान!
एक आदमी ने दुर्घटना में दोनों कान खो दिए, कोई भी प्लास्टिक सर्जन उसका समाधान नहीं कर पाया, उसने किसी से सुना कि स्वीडन में कोई सर्जन है जो इसे ठीक कर सकता है और वो उसके पास गया!

नए सर्जन ने उस कि जांच की, थोड़ी देर सोचा और फिर कहा, मैं तुम्हें ठीक कर दूंगा!

ओप्रशन के बाद पट्टियां खोली गयी, टांके भी खोल दिए गए और वो वापिस अपने होटल चला गया!

अगली सुबह उसने बहुत गुस्से में सर्जन को फ़ोन किया और जोर से चिल्लाया कमीने तुमने मुझ में औरत का कान लगाया है!

सर्जन ने कहा, तो क्या हुआ कान तो कान है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, औरत का हो या मर्द का!

ऐसा नहीं है, आप गलत बोल रहे हैं!, मैं सुन तो सब कुछ सकता हूँ, पर समझ में कुछ भी नहीं आ रहा है!


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भगवान का नियम!
एक व्यक्ति मरकर ऊप!र पहुंचा तो स्वर्ग द्वार पर उसे स्वयं चित्रगुप्त मिले।

चित्रगुप्त: तुम एक शर्त पर भीतर आ सकते हो।

व्यक्ति: कौन सी शर्त भगवन?

चित्रगुप्त: तुम्हें एक शब्द जो कि, फिरंगी जुबान का है, की स्पेलिंग ठीक-ठीक बतानी होगी।

व्यक्ति: कौन सा शब्द भगवान?

चित्रगुप्त: LOVE

व्यक्ति: L O V E

चित्रगुप्त: बहुत अच्छा, तुम भीतर आ सकते हो।

वो व्यक्ति भीतर दाखिल हो गया, तभी चित्रगुप्त का मोबाइल बज उठा।

चित्रगुप्त: हमें भगवान बुला रहे हैं, तुम ए!क मिनट द्वार पर निगाह रखना हम अभी लौट के आते हैं।

व्यक्ति: जो आज्ञा भगवन।

चित्रगुप्त: हमारी अनुपस्थिति में अगर कोई और प्राणी यहाँ पहुंच जाए तो उसको प्रवेश देने से पहले उससे LOVE शब्द की स्पैलिंग जरुर !पूछना, अगर वो भी तुम्हारी तरह स्पैलिंग ठीक बतायें तो ही उसे भीतर आने देना। अन्यथा उसे सामने के द्वार से नर्क भेज देना।

व्यक्ति: ठीक है।

इतना कह कर चित्रगुप्त चले गए और वो व्यक्ति द्वार पर पहरा देने लगा। तभी एक स्त्री वहाँ पहुंची। वो व्यक्ति ये देखकर बहुत हैरान हुआ कि वो उसकी बीवी थी।

वो बोला, "अरे भाग्यवान, तुम यहाँ कैसे पहुंच गई?

पत्नी: तुम्हारे अंतिम संस्कार के बाद जब मैं श्मशान घाट से लौट रही थी तब एक बस ने मुझे कुचल दिया, उसके बाद जब मुझे होश आया तो मैं यहाँ खड़ी थी। अब हटो मुझे भीतर आने दो।

व्यक्ति: ऐसे नहीं, भगवान के यहाँ के नियम के अनुसार, पहले तुम्हें एक शब्द की स्पेलिंग ठीक-ठीक बतानी होगी, तभी तुम यहाँ अंदर आ सकती हो। नहीं तो तुम्हें सामने के द्वार से नर्क जाना होगा।

पत्नी: कौन सा शब्द?

व्यक्ति: चेकोस्लोवाकिया
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शराब की प्यास!
एक शराबी रोता हुआ बार में आया बार! में बैठे एक और शराबी ने उससे पूछा क्या हुआ?

मैंने एक बहुत घिनौना काम किया है, लम्बी साँस खींचते हुए, अभी थोड़ी देर पहले मैंने एक शैम्पेन बोतल के लिए अपनी बीवी को बेच दिया!

ये बहुत गलत किया तुमने!, दूसरे शराबी ने कहा, अब वो चली गयी है और तुम्हें वो वापिस चाहिए? हाँ शराबी ने कहा और वो रो रहा था!

तुम्हें खेद है की तुमने उसे बेच दिया तुम्हें इसका अहसास बहुत देर बाद हुआ, तुम अब भी उससे बहुत प्यार करते हो?

अरे नहीं! शराबी ने कहा, मैं उसे इसलिए वापिस चाहता हूँ क्योंकि मेरी शराब ख़त्म हो गयी है!
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फ़ोकट ज्ञान:
1. DOG सड़क पे उल्टा पड़ा था तो लोग उसकी पूजा करने लगे, क्यों?
क्योंकि DOG उल्टा GOD होता है।

2. मरे हुए व्यक्ति के मुँह में क्या! डालना चाहिए?
बिड़ला सीमेन्ट, क्योंकि इस सीमेन्ट में जान है।

3. 13 का घनमूल क्या है?
सुरूर, क्योंकि 13...13...!13... = सुरूर

4. जो लड़की कभी नही हँसती उसे क्या कहेंगे?
"हसी-ना"

5. जिसका दिल टूट जाता उसका GK कमजोर होता है?
क्योंकि, जब दिल ही टूट गया तो GK क्या करेगा।

6. अगर 2 पीपल के पेड़ को रस्सी से बाँध दिया जाये तो उस रस्सी को क्या कहेंगे?
नोकिया - कनेक्टिगं पीपल

इसी तरह के और फ़ोकट के ज्ञान के लि!ए हमारे साथ बने रहिए। हम आपको ऐसे ही ज्ञान गंगा में डुबकी लगवाते रहेगें।
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सब यही चाहते है!
पुरुषों के सुखी जीवन के लिए पांच सूत्र

1. आपके पास ऐसी स्त्री हो! जो घर का काम करे, खाना बनाए और कपड़े धोए!

2. आपके पास ऐसी स्त्री हो जो आपको हंसाये और खुश रखे!

3. आपके पास ऐसी स्त्री हो जिस पर आप विश्वास कर सकें और जो आपसे झूठ न बोले!

4. आपके पास ऐसी स्त्री हो जो आपको प्यार करे और आपके साथ रहकर आनंद का अनुभव करे!

5. आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण बात:- उपरोक्त चारों स्त्रियां एक दूसरे से बिल्कुल परीचित न हों!

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मच्छर मारने का सबसे आसान तरीका!
चीनी और लाल मिर्च का मिश्रण बना कर मच्छर को दें।

मिश्रण खाते ही वो पानी की तलाश में निकलेगा।

जैसे ही वो पानी के टैंक के पास !जाए उसे धक्का दे दो।

वो भीग जाएगा और खुद को सुखाने के लिए आग के पास जाएगा।

उसी वक्त आप आग में बम फ़ेंक दें।

वो बुरी तरह ज़ख़्मी हो के अस्प!ताल में दाखिल हो जाएगा।

आप वहां जाकर उसका आक्सीजन मास्क उतार दें।

मच्छर मर जाएगा...

धन्यवाद की ज़रूरत नहीं है, मुझे आप की सहायता करके ख़ुशी हुई।
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बेचारा पति क्या करे ?
1. सन्डे को पति अगर देर तक सोया रहे तो :-
बीवी : अब उठ भी जाओ ! तुम्हारे जैसा भी कोई है क्या ? छुट्टी है तो इसका मतलब यह नहीं कि सोते ही रहोगे।

2. सन्डे को पति अगर जल्दी उठ जाये तो :-
बीवी: पिछले जन्म में मुर्गे थे क्या ? एक दिन तो चैन से सोने को मिलता है, उसमें भी ठीक 5:30 बजे उठ कर कुकडू-कू करने लगते हो। इतना ज!ल्दी उठकर क्या पहाड़ तोड़ लाओगे ?

3. सन्डे को पति अगर घर पे ही रहे तो :-
बीवी: कुछ काम भी कर लि!या करो। हफ्ते भर बाट देखते है तुम्हारे सन्डे की, उसे भी तुम केवल नहाने धोने में ही लगा देते हो।

4. सन्डे को पति अगर घर से देर तक बाहर रहे तो :-
बीवी : कहाँ थे तुम आज पूरा दिन ? आज सन्डे है, कभी मुँह से भगवान का नाम भी ले लिया करो।

5. सन्डे को पति अगर पूजा करे तो :-
बीवी : ये घन्टी बजाते रहने से कुछ नहीं होने वाला। अगर ऐसा होता तो इस दुनिया के रईसों में टाटा या बिल गेट्स का नाम नहीं होता बल्कि किसी पुजारी का नाम होता।

6. अगर टाटा या बिल गेट्स जैसा बनने के लिए पति दिन रात मेहनत करे तो :-
बीवी : हर वक़्त काम, काम काम, तुम्हें अपने ऑफिस के ही सात फेरे ले लेने चाहिए थे। हम क्या यहाँ पर बंधुआ मजदूर है जो सारा दिन काम करें और शाम को तुम्हारा इंतज़ार करें ?

7. पति अगर पत्नी को घुमाने के लिए ले जाए तो :-
बीवी : हमारे बीच वाले जीजा जी तो !दीदी को हर महीने घुमाने ले जाते हैं और वो भी स्विट्ज़रलैंड और दार्जिलिंग जैसी जगहों पर। तुम्हारी तरह "हरिद्वार" नहाने नहीं जाते।

8. पति अगर अपनी ऐसी तैसी करा !कर नैनीताल, मसूरी, गोवा, माउन्ट आबू, ऊटी जैसी जगहों पर घुमाने ले भी जाए तो :-
बीवी : अपना घर ही सबसे अ!च्छा, बेकार ही पैसे लुटाते फिरते है। इधर उधर बंजारों की तरह घूमते फिरो। क्या रखा है घूमने में ? इतने पैसे से अगर घर पर ही रहते तो पूरे 2 साल के लिए कपड़े खरीद सकते थे।

घरवाली की किच-किच न हो तो इन्सान कहाँ से कहाँ पहुँच जाता है... विश्वास न हो तो नरेन्द्र मोदी को ही देख लो !
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जीवन के कुछ अनमोल वचन!
मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर माँगना क्योंकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का।

मशवरा तो खूब देते हो "खुश रहा करो" कभी कभी वजह भी दे दिया करो।

कल एक इंसान रोटी मांगकर ले गया और करोड़ों की दुआयें दे गया, पता ही नहीं चला कि गरीब वो था या मैं।

गठरी बाँध बैठा है अनाड़ी साथ !जो ले जाना था वो कमाया ही नहीं।

मैं उस किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ, वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए।

जिस घाव से खून नहीं निक!लता, समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है।

बचपन भी कमाल का था !खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर, आँख बिस्तर पर ही खुलती थी।

खोए हुए हम खुद हैं, और ढूंढते भगवान को हैं।

अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि माफ़ी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये।

जिन्दगी तेरी भी अजब परिभाषा है, सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है।

खुशीयाँ तकदीर में होनी चाहिये, तस्वीर में तो हर कोई मुस्कुराता है।

ज़िंदगी भी वीडियो गेम सी हो गयी है, ए!क लैवल क्रॉस करो तो अगला लैवल और मुश्किल आ जाता है।

इतनी चाहत तो लाखो रु. पाने की भी नही होती, जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती है।

हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की !कोशिश किया करो, क्योंकि इंसान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है।
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टेक्निकल स्पोर्ट!
एक महिला ने IT टेक्नी!कल सपोर्ट को फोन किया।

महिला: मुझे 'हस्बैंड' प्रोगाम में मुश्किल हो रही है।

टेक्नीकल सपोर्ट: कब से है यह दिक्कत?

महिला: देखिए, पिछले साल मैंने! अपने 'बॉयफ्रेंड' को अपडेट कर 'हस्बैंड'' इंस्टॉल किया था। उसके बाद से ही पूरा सिस्टम स्लो हो गया है। खासतौर पर 'फ्लॉवर' और 'ज्वेलरी' एप्लीकेशन ने काम करना बंद कर दिया है। ये एप्स 'बॉयफ्रेंड' में अच्छी चलती थीं। इसके अ!लावा 'हस्बैंड' ने 'रोमांस' प्रोग्राम भी अनइंस्टॉल कर दिया है। इसकी जगह 'न्यूज' 'मनी' और 'क्रिकेट' जैसे फालतू प्रोग्राम इंस्टॉल हो गए हैं। अब मैं इसे कैसे सुधारूं?

टेक्नीकल सपोर्ट: जी, 'हस्बैंड' इंस्टॉल करने के बाद ऐसी समस्या होती रहती है। सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि 'बॉयफ्रेंड' एक एंटरटेनमेंट डेमो पै!केज था, जबकि 'हस्बैंड' ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे सुधारने के लिए 'आंसू' प्रोगाम डाउनलोड करें। इससे 'ज्वेल!री' और 'फ्लॉवर्स' एप्लीकेशन अपने आप इंस्टॉल हो जाएंगी। हालांकि याद रखें 'आंसू' ज्यादा इस्तेमाल करने पर 'हस्बैंड' हमेशा के लिए 'साइलेंस' या 'बियर' मोड़ पर चला जाएगा। साथ ही 'हस्बैंड' के ओरिजनल पैकेज को डिस्टर्ब न करें। ऐसा करने पर नया वायरस 'गर्लफ्रेंड' डाउनलोड हो जाता है। इसके अलावा 'बॉ!यफ्रेंड' को दोबारा इंस्टॉल करने की कोशिश भी न करें। ऐसा करने पर आपका लाइफ ऑपरेटिंग सिस्टम क्रैश हो जाएगा।





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