Heart Touching Status Free 2017

⧭तुमने तीर चलाया तो कोई बात न थी⬋⬋⬋
ज़ख्म मैंने जो दिखाया तो बुरा मान गए⧭⧭⧭

⧭⧭काश एक खवाहिश पुरी हो जाऐ  इबादत के बगैर,
⧭⧭कोई मुझे भी चाहने लगे मेरी इजाजत के बगैर.

⧭⧭नाकाम थीं मेरी सब कोशिशें उस को मनाने की,
⧭⧭पता नहीं कहां से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की.



⧬⧬उड़ा भी दो सारी रंजिशें इन हवाओं में यारो,
⧬⧬छोटी सी जिंदगी है नफ़रत कब तक करोगे.

⧪⧪दिल भर ही गया है तो मना करने में डर कैसा..
⧪⧪मोहब्बत में बेवफ़ाओ पर कोई मुक़दमा नहीं होता.

⧫⧫हजारों चेहरों में,एक तुम ही थे जिस पर हम मर मिटे वरना,
⧪⧪ना चाहतों की कमी थी….और ना चाहने वालों की.

⬆⬆नादांनियां झलकती है अभी भी मेरी आदतो से,
मै खुद हैरान हूं कि मुझे इश्क हुआं कैसे.
गुरुर-ए-हुस्न की मदहोशी में उनको ये भी खबर नहीं,
कौन चाहेगा मेरे सिवा उनको उम्र ढल जाने के बाद.

⧭⧭क़यामत का तो सुना था के कोई किसी का ना होगा,,
⧭⧭मगर अब तो दुनिया में भी ये रिवाज़ आम हो गया है.

⧭⧭अब ना करूँगा अपने दर्द को बया किसी के सामने,
⧭⧭दर्द जब मुझको ही सहना है तो तमाशा क्यूँ करना.

⧬⧬कोई याद नहीं करता जब तक मैं खुद न करूँ याद,
ऐसी हालत में कैसे कह दूँ कि मेरे अपने बहुत हैं.

⧭⧭अधूरे लोग सिर्फ़ अधूरे ही नहीं होते उनके अधूरेपन मे कई सपनों
और छोटी-छोटी ख़्वाहिशों के बिखरने का इतिहास दफन होता है.



⧬⧬हम तो जल गये उसकी मोहब्बत में मोमकी तरह,
अगर फिर भी वो हमें बेवफा कहे…तो उसकी वफ़ा को सलाम.

⬉⬉हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये,
जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके.

⧬⧬ख़्वाब ही ख़्वाब कब तलक देखू,
अब दिल चाहता है तुझको भी इक झलक देखू.

⬋⬋यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे मेरे आज से,
मगर कभी-कभी बीता हुआ कल बहुत याद आता है.

उसके हाथ की गिरिफ्त ढीली पड़ी तो महसूस हुआ
यही वो जगह है जहाँ रास्ता बदलना है.

Na cher Qissa-e-Ulfat, Barri Lambi Kahaani Hai,
Main Zamanay Se Nahi Haara,Kisi ki Baat Maani Hai.

बहुत जी लिये उनके लिये जो मेरे लिये सबकुछ थे,
अब जीनाहै बस उनके लिये जिनके लिये हम सब कुछ हैं.

अपनी सी करो तुम भी अपनी सी करें हम भी,
कुछ तुम ने भी ठानी है कुछ हम ने भी ठानी है.

⬉⬉उसने चुपके से मेरी आँखों पर हाथ रखकर पूछा….बताओ कौन हु मै
मैने धीरे से मुस्कुराकर कहा.मेरी जीने की वजह हो तुम.



⬉⬉बस यूँ समझ लो….प्यास लगी थी गज़ब की,
मगर पानी मे ज़हर था…पीते तो मर जाते और ना पीते….तो भी मर जाते.

आहिस्ता चल ज़िन्दगी, अभी कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है,
कुछ दर्द मिटाना बाकी है, कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है.

⧭⧭कुछ ख्वाहिशें बारिश की उन बूँदो की तरह होती हैं,
जिन्हें पाने की चाहत में हथेलियाँ तो भीग जाती हैं,
⬉⬉मगर हाथ हमेशा खाली रहते हैं.

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