Friday, 9 December 2016

Life Shayari Kahin Behtar Hai 2017


  • कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
  • चंद सिक्कों के लिए तुने क्या नहीं खोया है,
  • माना नहीं है मखमल का बिछोना मेरे पास,
  • पर तु ये बता, कितनी राते चैन से सोया है।

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