Sunday, 18 December 2016

जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ


  1. होते ही शाम मैं किधर जाता हूँ;
  2. जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ;
  3. खौफ इस कदर होता है यादों का;
  4. जाम की महफिल में नजर आता हूँ!

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